
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की लिखी एक किताब का विमोचन किया। महाजन ने 1767 से 1795 तक मालवा क्षेत्र की महारानी रहीं देवी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन पर आधारित नाटक 'मातोश्री' कई साल पहले लिखा था। विमोचन के बाद यह किताब सभी ऑनलाइन बुक्स स्टोर (
online bookstore) पर उपलब्ध है जहा से कोई भी खरीद (
buy books online) सकता है। विमोचन के वक्त मोदी के सामने इंदौर के रजवाड़े की प्रतिकृति में माता अहिल्या की मूर्ति के साथ महाजन की पुस्तक लाई गई। पुस्तक पर रिबन बंधा था, मोदी ने उसे खोला और जेब में रख लिया। उनका इतना करना था कि मंच पर मौजूद लोग हंस पड़े और बोले- जेब में रख लिया। इस बात पर मोदी भी हंस दिये। महाजन ने नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी समेत अन्य सांसदों का स्वागत करते हुए कहा, 'मैंने किताब लिखी है, लेकिन मैं लेखिका नहीं हूं।' उन्होंने कहा, 'मैंने नाटक लिखा था और इंदौर तथा अन्य जगहों पर इसका मंचन भी हुआ था। लेकिन, मैंने कभी नहीं चाहा कि यह प्रकाशित हो, क्योंकि इसमें कुछ विसंगितयां हो सकती हैं।' उन्होंने कहा कि दोस्तों ने दबाव डाला कि इसे प्रकाशित किया जाये और इंदौर के एक इतिहासकार मित्र ने इसे चेक किया। इसके बाद इसे प्रकाशित किया गया। संसद परिसर स्थित प्रेक्षागृह में किताब के विमोचन के बाद मोदी, आडवाणी व अन्य सांसदों ने इस नाटक का मंचन देखा। सुमित्रा महाजन द्वारा लिखित नाटक मातोश्री में रानी अहिल्या बाई होल्कर के जीवन की 15 महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाया गया है। लोकसभा अध्यक्ष अहिल्या बाई को अपना आदर्श मानती है और उनके जीवन पर आधारित कई नाटकों में खुद महाजन हिस्सा भी लिया है।
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